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Patrika Publications

"Aadhya 3" आद्या (भाग-3) गुलाब कोठारी की कलम से रचित एक आध्यात्मिक पुस्तक - पत्रिका पब्लिकेशन का शानदार साहित्य

"Aadhya 3" आद्या (भाग-3) गुलाब कोठारी की कलम से रचित एक आध्यात्मिक पुस्तक - पत्रिका पब्लिकेशन का शानदार साहित्य

नियमित रूप से मूल्य ₹ 120
नियमित रूप से मूल्य ₹ 120 विक्रय कीमत ₹ 120
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मात्रा

'शिशु जैसे-जैसे बड़ा होता है, वह सूक्ष्म से स्थूल की ओर उन्मुख होने लगता है। शब्दविहीन अनाहत की उसकी अनन्त यात्रा बहिर्मुख- स्थूल से जुड़ कर शब्दों के विस्तृत संसार में विचरण करने लगती है। यहीं माया के नए आवरण भी जुड़ते जाते हैं। शिशु में लीलाभाव का लालित्य एवं माधुर्य भी शनैः शनैः, वय के साथ रूप बदलता दिखाई पड़ता है, वह अपने मूल से भी विमुख होता प्रतीत होता है। वैखरी का विस्तार उसके क्रिया क्षेत्र को भी व्यापक करता जान पड़ता है। वस्तुतः माया की यह क्रियाशीलता उसे स्थूल जगत् से निरन्तर परिचित कराती जाती है। अनन्त यात्रा का पथिक अपनी पहिचान भी स्थापित करने लगता है। आद्या काव्य ग्रन्थ की इस कड़ी में यही भाव-भूमि है।

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Product Specifications

ISBN
9381225214
Author
Dr. Gulab Kothari
Edition
1
Language
Hindi
Binding
Paperback
Number of Pages
100
HSN Code
610510
Manufacturer
Patrika Publication
Manufacturer Contact
Patrika Publication 217, Lakshmi Complex, M.I. Road, Jaipur - 302001, India Phone: 0141-2361600 Email: patrikapublication@epatrika.com Website: www.patrika.com
Packer Contact
Patrika Publication 217, Lakshmi Complex, M.I. Road, Jaipur - 302001, India Phone: 0141-2361600
Release Date
2014-07-16
Country of Origin
India