Patrika Publications
Maanas 14: Prakriti Aur Purusharth – Exploring Balance of Nature & Consciousness | Indian Philosophy Book | Self-Realization, Mental Clarity, Spiritual Awakening, Inner Growth | Patrika Publication
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मानस–14: प्रकृति और पुरुषार्थ’ डॉ. गुलाब कोठारी द्वारा रचित एक अद्भुत दर्शनपरक ग्रंथ है, जो सृष्टि के दो मूल तत्त्वों—प्रकृति और पुरुषार्थ—के सनातन संबंध को आधुनिक संदर्भों और गीता-दर्शन की गहराई के साथ प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक जीवन-दर्शन, योग, और आत्मिक विकास के पथ पर चलने वाले पाठकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होती है।
डॉ. कोठारी बताते हैं कि प्रत्येक जीवात्मा के केंद्र में एक अव्यय पुरुष (अक्षर, अमृत) होता है, जिसके चारों ओर प्रकृति विभिन्न गुणों—सत्त्व, रजस, और तमस—के आधार पर शरीर, व्यवहार और माया का निर्माण करती है। मरणधर्मा प्रकृति मृत्यु लोक में कर्मों का मंच सजाती है, जबकि पुरुष चेतना का शाश्वत अंश बना रहता है।
पुस्तक में आप जानेंगे:
भगवद् गीता के माध्यम से सत्त्व, रजस, और तमस का गूढ़ विश्लेषण।
प्रकृति और चेतना के संतुलन का आत्मिक और व्यावहारिक पक्ष।
पुरुषार्थ (मानव प्रयास, संकल्प और चेतना) के ज़रिये आत्मिक जागरण की प्रक्रिया।
कैसे योग-दर्शन, भारतीय संस्कृति और आधुनिक जीवन की चुनौतियाँ इस संवाद में समाहित होती हैं।
यह पुस्तक न केवल मानसिक स्पष्टता और आत्म-साक्षात्कार का द्वार खोलती है, बल्कि पाठकों को जीवन के उद्देश्य, संतुलन, और आंतरिक शांति की ओर ले जाने वाले व्यावहारिक साधन भी प्रदान करती है। यह ग्रंथ विशेष रूप से उन पाठकों के लिए अमूल्य है जो भारतीय दर्शन की गहराइयों को समझकर अपने जीवन को आत्मिक रूप से समृद्ध बनाना चाहते हैं।
A Hindi Religious Book by Dr. Gulab Kothari exploring the connection between consciousness and nature, inspired by Indian philosophy and Bhagavad Gita, guiding readers toward spiritual clarity and balance.
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