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Patrika Publications
USHA SUKTA_आधिष्ठात्री देवी उषा के शास्त्रीय आधार की एक नवीन व्याख्या (उषा-सूक्त) -गुलाब कोठारी की नवीन रचना | पत्रिका पब्लिकेशन का अनूठा संग्रह
USHA SUKTA_आधिष्ठात्री देवी उषा के शास्त्रीय आधार की एक नवीन व्याख्या (उषा-सूक्त) -गुलाब कोठारी की नवीन रचना | पत्रिका पब्लिकेशन का अनूठा संग्रह
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उषा-सूक्त प्रातः काल की अधिष्ठात्री देवी उषा हैं। उषस की रचना वैदिक काल की सबसे मनोरम कल्पना है और विश्व के किसी भी साहित्य में उषा से अधिक आकर्षक चरित्र नहीं मिलता। उषा का सूर्य के साथ घनिष्ठ संबंध है। उषा को रात्रि की बहिन भी कहा गया है। उषा का संबंध अश्विनों, चन्द्रमा, इन्द्र तथा बृहस्पति आदि देवों के साथ भी वर्णित है। प्रस्तुत पुस्तक में प्रबुद्ध चिंतक, संवेदनशील लेखक एवं प्रतिबद्ध पत्रकार, वैदिक वाङ्मय एवं भारतीय दर्शन के अध्येता गुलाब कोठारी ने ऋग्वेद संहिता के प्रथम मंडल, का सूक्त 48 'उषा-सूक्त' (कर्पूर- भाष्य) में उषा की शास्त्रीय आधार पर नवीन व्याख्या की है।
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Product Specifications
ISBN
9381224145
Author
Gulab Kothari
Edition
1
Language
Hindi
Binding
Hardcover
Number of Pages
88
HSN Code
610510
Packer Contact
Patrika Publication (217, Lakshmi Complex, M.I. Road, Jaipur - 302 001 India),0141-2361600 e-mail: patrikapublication@epatrika.com website: www.patrika.com
Release Date
2011-08-05
Country of Origin
India
